Report by : CWN Desk
Published at :
6ac61b50a3000 meerut murder case ravita and her lover amardeep convicted photo–itg 071335498 16×9

मेरठ में अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप की सजा पर 16 अक्टूबर को अदालत फैसला सुनाएगी। दोनों को पति की हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया जा चुका है। अप्रैल 2025 में अमित की हत्या कर उसके शव के नीचे जिंदा सांप छोड़ दिया गया था, ताकि मौत को सर्पदंश का मामला दिखाया जा सके।

मेरठ। बहसूमा क्षेत्र के गांव अकबरपुर सादात निवासी अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप हत्याकांड में शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को सजा सुनाई जाएगी। इस मामले में अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को अदालत पहले ही हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दे चुकी है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया था।

बिस्तर पर मिला था अमित का शव, नीचे दबा था जिंदा सांप

यह घटना 13 अप्रैल 2025 की है। उस सुबह अमित कश्यप का शव उसके बिस्तर पर मिला था। शव के नीचे एक जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप दबा हुआ था। उसके शरीर पर सांप के काटने के 10 निशान भी बताए गए थे। पत्नी रविता ने दावा किया था कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है।

हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सर्पदंश नहीं, बल्कि दम घुटना सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, अमित का गला, नाक और मुंह दबाया गया था। दम घुटने के कारण उसकी मौत हुई थी। गला दबाने से गर्दन की हायॉइड हड्डी और थायरॉइड कार्टिलेज भी टूट गई थीं। इन तथ्यों ने मामले को हत्या की दिशा में मोड़ दिया।

संबंधों में बाधा बनने पर हत्या की साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि रविता और अमरदीप ने अमित को अपने संबंधों में बाधा मानते हुए उसकी हत्या की साजिश रची थी। आरोप था कि हत्या के बाद वारदात को सर्पदंश से हुई मौत दिखाने के लिए अमित के बिस्तर पर जिंदा सांप छोड़ दिया गया।

जांच के मुताबिक, अमरदीप ने माता के जागरण का बहाना बनाकर सपेरे कृष्ण से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था। कृष्ण यह सांप अपने नाना प्रीतमनाथ से लेकर आया था। पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 26 जून 2025 को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया था।

भाई की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा

अमित के भाई मोनू कश्यप ने 16 अप्रैल 2025 को रविता और अमरदीप के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और मामले की विवेचना पूरी की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी माना। अब 16 अक्टूबर को अदालत उनकी सजा तय करेगी। इस फैसले पर अमित के परिजनों और मामले से जुड़े लोगों की नजरें टिकी हैं।

Follow CWN TODAY on WhatsAppJoin ›