CWN Desk

गाजीपुर में महिला की अर्थी के पास पहुंचे बंदर ने कफन हटाकर पैर छुए। गरीबी के बीच ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर अंतिम संस्कार कराया। देखें पूरी रिपोर्ट

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक दिल छू लेने वाली अजीबोगरीब घटना सामने आई है। शहर कोतवाली क्षेत्र के सरैया छावनी लाइन निवासी दुखंती कुशवाहा की 55 वर्षीय पत्नी मालती देवी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। सोमवार सुबह जब परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे थे, तब वहां मौजूद लोगों ने एक ऐसा नजारा देखा जिसने सभी को चकित कर दिया।
अंतिम यात्रा की तैयारी के दौरान जब मृतका मालती देवी को स्नान कराकर अर्थी पर लिटाया गया, तभी अचानक पेड़ पर बैठा एक बंदर नीचे उतरा। बंदर सीधे अर्थी के करीब पहुंचा और उसने शव पर रखा कफन हटा दिया। इसके बाद उसने अत्यंत आदरभाव से मृतका के पैरों को स्पर्श किया और शांति से वापस पेड़ पर जाकर बैठ गया।
वहां मौजूद ग्रामीणों ने इस अद्भुत पल को अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जिसके बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। यह नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया कि कैसे एक बेजुबान जानवर ने इस तरह अपनी संवेदना प्रकट की। स्थानीय लोग इसे एक दैवीय और भावुक करने वाली घटना मान रहे हैं।
दूसरी ओर, दिवंगत मालती देवी का परिवार लंबे समय से भारी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। पति दुखंती कुशवाहा का पहले ही देहांत हो चुका है और बेटा सुनील बेरोजगार है। परिवार की दयनीय हालत देखकर ग्रामीणों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। गांव वालों ने आपस में चंदा इकट्ठा करके मालती देवी का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराया।