Report by : CWN Desk
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उत्तराखंड में सबसे बड़े फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़: काशीपुर में 10 पर FIR

उत्तराखंड एसटीएफ ने राज्य के सबसे बड़े फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का खुलासा किया है। काशीपुर कोतवाली में 10 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारियां जल्द।

काशीपुर। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की कुमाऊं इकाई ने प्रदेश के अब तक के सबसे बड़े फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ कुमाऊं प्रभारी की तहरीर पर उधम सिंह नगर जिले की काशीपुर कोतवाली में 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गृह सचिव के निर्देश पर शुरू हुई इस जांच के बाद अब पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
दरअसल, शासन को पिछले काफी समय से पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे बाहरी राज्यों के फर्जी शस्त्र लाइसेंसों को उत्तराखंड में अवैध रूप से स्थानांतरित (ट्रांसफर) कराए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह सचिव ने इसकी जांच एसटीएफ को सौंपी थी। पिछले एक महीने से एसटीएफ की टीम इंस्पेक्टर एमपी सिंह के नेतृत्व में इस गिरोह की कड़ियों को जोड़ने के लिए गोपनीय जांच और विभिन्न राज्यों में सत्यापन कर रही थी।
जांच के दौरान एसटीएफ ने बाहरी राज्यों से उत्तराखंड ट्रांसफर किए गए हजारों शस्त्र लाइसेंसों और उनके धारकों के दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। साक्ष्य संकलन के दौरान टीम को काशीपुर सहित अन्य क्षेत्रों के कई सफेदपोशों और बिचौलियों की संदिग्ध भूमिका के पुख्ता सबूत मिले। एसटीएफ की अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर काशीपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
पुलिस द्वारा जारी सूची के अनुसार, जिन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज हुआ है उनमें काशीपुर के नौशाद हुसैन, मोहम्मद नसीम, मोहम्मद दानिश उर्फ दानू, सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, गुरताज सिंह, जतिन कांडपाल के साथ-साथ शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) के मंजोत सिंह और अजीम शामिल हैं। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय स्तर पर जुड़े हैं और जल्द ही मामले में कई बड़ी गिरफ्तारियां की जाएंगी।

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