देहरादून। काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) और उनके सहयोगी तकनीशियन (इलेक्ट्रिकल) को सीबीआई ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर शिकायतकर्ता से गिरफ्तारी से बचाने और डंपर जब्त न करने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
सीबीआई देहरादून शाखा के एसपी एसके राठी ने जानकारी दी कि काठगोदाम रेलवे स्टेशन से जुड़े इस मामले में सीबीआई को शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता पर रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप था, जिसके तहत उसके खिलाफ रेलवे ऐक्ट की धारा 160(2) में एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोप है कि एएसआई और तकनीशियन ने शिकायतकर्ता को गिरफ्तारी से बचाने और डंपर को जब्त न करने के बदले दो लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। बाद में यह रकम घटाकर 25 हजार रुपये कर दी गई।
शिकायतकर्ता ने इस मामले की जानकारी सीबीआई को दी, जिसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर रविवार को दोनों आरोपियों को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई की टीम ने दोनों आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी अभियान भी चलाया है। तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जल्द ही सार्वजनिक की जाएंगी।
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में आगे की जांच जारी है और सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसमें अन्य अधिकारी भी शामिल हैं।
काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर रिश्वतखोरी का यह मामला सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों और यात्रियों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी है। रेलवे अधिकारियों ने मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सीबीआई की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कदम माना जा रहा है।
