Report by : CWN Desk
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हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने 10 अशासकीय कॉलेजों की संबद्धता समाप्त की

छात्र-छात्राओं के भविष्य पर खतरा, दून में श्रीदेवसुमन विवि के मात्र दो कॉलेज

देहरादून। गढ़वाल मंडल से केंद्रीय विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कालेजों से उच्च शिक्षा ग्रहण करने की सोच रहे युवाओं को बड़ा झटका लगा है। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय ने देहरादून के चार बड़े कॉलेज सहित 10 सहायता प्राप्त अशासकीय कॉलेजों की संबद्धता समाप्त कर दी है। इससे कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) स्नातक और परास्नातक दे चुके हैं और दाखिले का इंतजार कर रहे करीब 20 हजार छात्र-छात्राएं प्रभावित हुई हैं। छात्र-छात्राएं आगे की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं।
एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि ने 30 मई को कार्य परिषद की बैठक में विवि से संबद्ध 10 कॉलेजों को असंबद्ध करने का निर्णय लिया। परिषद ने अपने निर्णय से राज्य और केंद्र सरकार को भी पत्र भेजकर अवगत करा दिया। जिससे इन कॉलेजों की अन्य विश्वविद्यालय से संबद्धता पर सरकार फैसला ले सके।
गढ़वाल केंद्रीय विवि ने जिन अशासकीय कॉलेजों की संबद्धता खत्म की, उनमें देहरादून का डीएवी, डीबीएस, एमकेपी, एसजीआरआर पीजी कॉलेज, डीडब्ल्यूटी कॉलेज, एमपीजी कॉलेज मसूरी, महिला विद्यालय डिग्री कॉलेज हरिद्वार, चिन्मय डिग्री कॉलेज हरिद्वार, बीएसएम कॉलेज रुड़की, राठ महाविद्यालय पैठाणी, पौड़ी गढ़वाल शामिल हैं।
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि से संबद्ध दून में केवल दो कालेज हैं। जिनमें देहरादून महाविद्यालय जो कि सुद्धोवाला में महिला पॉलिटेक्निक संस्थान के किराये के कमरों में संचालित किया जा रहा है। यहां साधन-सुविधा के नाम पर केवल चार कमरे और 11 शिक्षक हैं। इसके अलावा रायपुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में करीब 15 सौ छात्र-छात्राएं दाखिला ले सकते हैं। ऐसे में यह दोनों कालेज फिलहाल डीएवी-एमकेपी के विकल्प नहीं हो सकते हैं।

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