Report by : CWN Desk
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गंगोत्री धाम के 14 और केदारनाथ के कपाट 15 नवम्बर को होंगे बंद

सीएम धामी ने तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए उठाए कई जरूरी कदम
देहरादून।चारधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा 50 लाख पार हो गया। इसके साथ ही चारधाम यात्रा के अभी तक के सभी रिकार्ड टूट गए। हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि को आल वेदर रोड की सफलता और पुष्कर सिंह धामी सरकार के यात्रा प्रबंधन के रूप में देखा जा रहा है। सरकार यह मान रही है कि यात्रियों का यह आंकड़ा दिसंबर में वैश्विक निवेशक सम्मेलन में निवेशकों को पर्यटन के क्षेत्र में निवेश के लिए आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 दिसंबर, 2016 को आल वेदर रोड की आधारशिला रखकर उत्तराखंड में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बड़ा और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया था। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य चार धामों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ के लिए हर मौसम में कनेक्टिविटी बढ़ाना है।
इस बारहमासी सड़क परियोजना का कार्य पूरा होने से क्षेत्र और क्षेत्रवासियों को बेहद लाभ मिलेगा। इसके सकारात्मक परिणाम यात्रियों की संख्या में वृद्धि के रूप में दिखाई पड़ रहे हैं। इससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा ही, उत्तराखंड  के आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तीर्थयात्रियों की सुविधाओं में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। इसमें चारों धाम में श्रद्धालुओं के लिए आनलाइन पंजीकरण से लेकर दर्शन तक अलग-अलग व्यवस्था शामिल है। यात्रा के लिए अधिक संख्या में उन्नत एंबुलेंस उपलब्ध करना और डॉक्टरों की एक विशेष टीम का गठन करने से यात्रा सुविधाजनक बनाने में सहायता मिली। चारधाम में 50 हेल्थ एटीएम भी स्थापित किए गए, जो तीर्थयात्रियों को टेली-मेडिसिन सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
वर्ष – यात्रियों की संख्या
2021 – 5.18 लाख (कोविड से बाधित)
2022 – 46.27 लाख
2023 – 50.12 लाख (16 अक्टूबर तक)

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