Report by : CWN Desk
Published at :
ईरान-अमेरिका युद्ध: 12 बिलियन डॉलर खर्च और खामनेई की मौत के बाद भी नहीं थमी जंग

ईरान-अमेरिका युद्ध में अब तक 12 बिलियन डॉलर का भारी खर्च हो चुका है। अली खामनेई की मौत के बाद मुजतबा खामनेई बने नए सुप्रीम लीडर, जारी है खूनी संघर्ष।

वॉशिंगटन/तेहरान: 28 फरवरी से शुरू हुआ ईरान और अमेरिका के बीच का भीषण युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान पर हमला करते समय शायद ही यह सोचा था कि यह संघर्ष इतना लंबा और खर्चीला खिंच जाएगा। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया था कि अब ईरानी जनता आजाद है और जल्द ही नई सरकार चुनेगी, लेकिन हकीकत इसके ठीक उलट नजर आ रही है।
खामनेई की मृत्यु के बाद ईरान की सड़कों पर लोकतंत्र के बजाय शोक और आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। अमेरिका की ‘रिजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) की रणनीति पूरी तरह विफल साबित हुई। अली खामनेई की जगह अब उनके बेटे मुजतबा खामनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। इस बदलाव ने साफ कर दिया है कि ईरान झुकने के मूड में नहीं है और युद्ध का मोर्चा अभी और लंबा खिंच सकता है।
आर्थिक मोर्चे पर भी यह युद्ध अमेरिका के लिए भारी साबित हो रहा है। सीबीएस न्यूज (CBS News) के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप के सलाहकार केविन हैसेट ने खुलासा किया है कि 28 फरवरी से शुरू हुई जॉइंट स्ट्राइक के बाद से अमेरिका अब तक लगभग 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 1200 करोड़ भारतीय रुपये) इस युद्ध की आग में झोंक चुका है। वॉशिंगटन में अब इस बढ़ते सैन्य खर्च और युद्ध के लक्ष्यों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
युद्ध के मैदान से आ रही खबरें विचलित करने वाली हैं। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हमलों की शुरुआत से अब तक ईरान में 1,400 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं, इस संघर्ष में 13 अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं और 140 से ज्यादा घायल हुए हैं। अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हमले और आक्रामक हो सकते हैं, जिससे मानवीय और आर्थिक नुकसान और बढ़ने की आशंका है।
विपक्ष ने भी अब बाइडन-ट्रंप नीतियों की आलोचना शुरू कर दी है। डेमोक्रेटिक लीडर चक शूमर ने चिंता जताते हुए कहा कि अमेरिका बिना किसी ठोस अनुमान या एग्जिट प्लान के इस युद्ध के मैदान में कूद गया है। जैसे-जैसे ऑपरेशन का खर्च बढ़ रहा है, अमेरिकी सांसदों के बीच लड़ाई की दिशा और भविष्य के परिणामों को लेकर बेचैनी बढ़ती जा रही है।

Follow CWN TODAY on WhatsAppJoin ›