Report by : CWN Desk
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आज रात भारत में दिखेगा चंद्रग्रहण 2026: जानें सूतक काल और दान का शुभ समय

आज 3 मार्च को होली के अवसर पर साल का पहला चंद्रग्रहण लग रहा है। जानें भारत में ग्रहण दिखने का समय, सूतक काल का प्रभाव और दान-पुण्य की विशेष विधियां।

नैनीताल/हल्द्वानी: आज 3 मार्च 2026 को आकाश में एक अद्भुत खगोलीय घटना घटने जा रही है। साल का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण आज रात लगेगा, जो होली के पावन अवसर पर हो रहा है। हालांकि, खगोलविदों के अनुसार भारत के अधिकांश हिस्सों में यह पूर्ण न होकर आंशिक रूप से ही दिखाई देगा। पूर्वी एशिया के देशों में यह पूर्ण चरण में होगा, जबकि भारत में लोग इसके अंतिम चरणों का दीदार कर सकेंगे।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल के वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग गहरा लाल या नारंगी प्रतीत होगा। वैज्ञानिक भाषा में इसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है। यह स्थिति तब बनती है जब पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य के प्रकाश के नीले रंगों को बिखेर देता है और केवल लाल रोशनी चंद्रमा तक पहुँचती है। भारत में ग्रहण की शुरुआत दोपहर 2:14 बजे से होगी, लेकिन चंद्रोदय के समय यह आंशिक रूप से दिखाई देगा।
धार्मिक दृष्टि से इस ग्रहण का सूतक काल आज सुबह 6:20 बजे से ही शुरू हो गया है। सूतक लगने के कारण प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के कपाट सुबह ही बंद कर दिए गए थे। ज्योतिषाचार्य त्रिभुवन उप्रेती के अनुसार, सूतक काल के दौरान भोजन निषेध रहता है, हालांकि बच्चों, वृद्धों और बीमार व्यक्तियों के लिए इसमें छूट दी गई है। अच्छी खबर यह है कि इस खगोलीय घटना का ‘होली गायन’ की परंपरा पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
ग्रहण काल के दौरान दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। शाम 6:47 बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद तिल, गुड़, घी, अनाज और ऊनी वस्त्रों का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। एरीज संस्थान इस घटना का सीधा प्रसारण अपने यूट्यूब चैनल पर शाम 5:30 बजे से करेगा। आम जनता के लिए नैनीताल के मनोरा पीक परिसर में शाम 6 बजे से दूरबीन के माध्यम से ग्रहण देखने की विशेष व्यवस्था की गई है।

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