Report by : CWN Desk
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उत्तराखंड में मान्यता प्राप्त मदरसों में अब शुक्रवार की जगह रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। जानिए सीएम धामी सरकार के इस नए फैसले की पूरी जानकारी।

देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, स्कूल के रूप में मान्यता प्राप्त सभी मदरसों में अब शुक्रवार के स्थान पर रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। ऐसे सभी संस्थानों पर अब शिक्षा विभाग और उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित नियम समान रूप से लागू किए जाएंगे।
राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य सभी बच्चों को समान अवसर, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। पूर्व में उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उसकी जगह अल्पसंख्यक शिक्षा बोर्ड की नई व्यवस्था लागू की गई थी। इस नई व्यवस्था के तहत अब तक 76 मदरसों को स्कूल के रूप में पुनः मान्यता दी जा चुकी है, जबकि 114 अन्य आवेदन वर्तमान में प्रक्रियाधीन हैं।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने बताया कि देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में 76 संस्थानों को मान्यता प्रदान की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक अनुमति के किसी भी संस्थान के संचालन की अनुमति नहीं होगी। वहीं, अल्पसंख्यक विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले 250 अवैध मदरसों पर पहले ही सीलिंग की कार्रवाई की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय पर स्पष्ट कहा कि सरकार तुष्टिकरण के बजाय गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा व्यवस्था के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मदरसे अब शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त स्कूलों के रूप में संचालित हो रहे हैं, इसलिए उन पर शिक्षा विभाग के मानक लागू होंगे। नियमों की अवहेलना करने वाले किसी भी संस्थान को चलने नहीं दिया जाएगा।
यह कदम राज्य के बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है। उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का प्रत्येक बच्चा आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्र निर्माण में अपनी योगदान दे।

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