उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू पर मारपीट और धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने के बाद अंडरग्राउंड हो गए हैं। नेपाल सीमा पर सतर्कता बरती जा रही है।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के अंडरग्राउंड होने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। उनकी तलाश के लिए अब नेपाल सीमा तक चौकसी बरतने की चर्चा तेज हो गई है। कुमाऊं क्षेत्र के चम्पावत और ऊधमसिंह नगर जिलों की सीमा नेपाल से लगती है, जिसके चलते साहू के उधर भागने की आशंका जताई जा रही है।
गिरधारी लाल साहू पर देहरादून के कैंट थाने में अपनी पत्नी व मंत्री रेखा आर्या के साथ मारपीट, धोखाधड़ी और उत्पीड़न का गंभीर मामला दर्ज हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद से ही साहू भूमिगत बताए जा रहे हैं। हालांकि, उनके नेपाल पहुंचने या सीमा पार करने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं।
आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल नेपाल भागने को लेकर कोई आधिकारिक इनपुट नहीं मिला है, लेकिन हमारी सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल 24 घंटे पूरी तरह सतर्क रहते हैं। सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था से जुड़ा कोई भी व्यक्ति बच न सके।
बता दें कि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, साहू ने अपनी पहली शादी और बच्चों की बात छिपाकर छह जुलाई 2004 को धोखे से उनसे विवाह किया था। इसके अलावा अन्य महिलाओं से अवैध संबंधों का विरोध करने पर मारपीट, सरकारी आवास में स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और फर्जी हस्ताक्षर कर कंपनियों के निदेशक पद से हटाने के आरोप शामिल हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) ने भी सोमवार देर शाम कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के आधिकारिक बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस इस पूरे प्रकरण की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।