Report by : Paras Bisht
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कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के 282 अग्निवीर भारतीय थल सेना का अंग बने

सात माह के कठिन प्रशिक्षण के बाद शनिवार को अग्निवीर पासिंग आउट परेड में शामिल

रानीखेत। कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र के 282 अग्निवीर भारतीय थल सेना का अंग बन गए। सात माह के कठिन प्रशिक्षण के बाद शनिवार को अग्निवीर पासिंग आउट परेड में शामिल हुए और सरहदों की निगहबानी का संकल्प लिया। अग्निवीरों के दूसरे बैच की सलामी केआरसी के कमांडेंट ब्रिगेडियर गौरव बग्गा ने ली। अग्निवीरों को अब कुमाऊं और नागा रेजीमेंट की विभिन्न पलटनों में भेजा जाएगा।
सोमनाथ मैदान में दीक्षांत समारोह के साथ इन अग्निवीरों को भारतीय थल सेना में शामिल किया गया। सैनिकों ने गर्व और समर्पण के साथ देश सेवा करने और भारतीय सेना के मूल्यों को बनाए रखने की शपथ ली। मुख्य अतिथि केआरसी कमांडेंट ब्रिगेडियर बग्गा ने परेड की सलामी ली। परेड का नेतृत्व अग्निवीर संजय नेगी ने किया गया और परेड अधिकारी कप्तान अरविंद सिंह रहे। मुख्य अतिथि से पहले परेड ने कर्नल विक्रमजीत सिंह सेना मेडल, प्रशिक्षण बटालियन कमांडर और डिप्टी कमांडेंट कर्नल सुनील कटारिया को सलामी दी। इस दौरान अग्निवीरों के परिजन भी मौजूद रहे। अपने बच्चों की सेना के लिए शपथ के दौरान परिजनों की आंखों में खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था।

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