गैरसैंण विधानसभा में सीएम धामी ने पूर्व सीएम भुवन चंद्र खण्डूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक जताया और श्रद्धांजलि दी।
गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) स्थित विधानसभा भवन में सत्र के दौरान भावुक क्षण देखने को मिले। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी (सेवानिवृत्त) और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भुवन चन्द्र खण्डूड़ी का जीवन सादगी, ईमानदारी और कठोर अनुशासन की मिसाल रहा। उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में अपनी जांबाजी का परिचय दिया और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहते हुए ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ के जरिए देश के सड़क संपर्क को मजबूत बनाया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में उनके पारदर्शी शासन और मजबूत लोकायुक्त व्यवस्था के प्रयासों को हमेशा याद रखा जाएगा।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया। सीएम धामी ने कहा कि स्वर्गीय बिष्ट जी एक समर्पित जननेता थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन आम जनता, श्रमिकों और मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने में बिता दिया। छात्र राजनीति से शुरुआत कर मंत्री पद तक पहुंचे बिष्ट जी का जीवन सच्चे जनसेवा का प्रतीक रहा है।
मुख्यमंत्री ने दोनों दिवंगत नेताओं के निधन को उत्तराखंड के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन जनसेवा और प्रदेश के विकास के प्रति इन महान व्यक्तित्वों का समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।