गैरसैंण विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने गणेश गोदियाल के नेतृत्व में घेराव किया। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अंकिता भंडारी मामले पर सरकार को घेरा।
गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में विधानसभा सत्र के पहले दिन सियासी पारा चढ़ गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भ्रष्टाचार, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं, बिगड़ती कानून व्यवस्था, भर्ती घोटालों और अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा का घेराव करने की कोशिश की, जिससे पुलिस प्रशासन के साथ तीखी झड़प देखने को मिली।
प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने विधानसभा से लगभग 30 किलोमीटर पहले ही विभिन्न स्थानों पर भारी बैरिकेडिंग लगा दी थी। इसके बावजूद प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, पूर्व अध्यक्ष करण माहरा, सहप्रभारी मनोज यादव और बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला समेत कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता दिवालीखाल तक पहुँच गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकते हुए प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेताओं को डिटेन कर लिया।
सत्र के दौरान विपक्षी विधायकों ने भी सदन के भीतर धामी सरकार की कार्यप्रणाली और प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार पर जमकर नारेबाजी की। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा शासनकाल में जनता बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री अपने विभागों से जुड़े तीखे सवालों और बहसों से बचने के लिए जानबूझकर ऐसी कार्यसूची तैयार करते हैं जिससे जवाबदेही से बचा जा सके।
कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक अंकिता भंडारी प्रकरण में पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता और युवाओं के रोजगार व प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। इस हाई-प्रोफाइल विरोध प्रदर्शन के बाद से प्रदेश की सियासत में हलचल काफी तेज हो गई है।