उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में पहली बार एक ही वर्ष में दो विधानसभा सत्र आयोजित कर धामी सरकार ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) के नाम एक नया विधायी इतिहास दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में विधानसभा सत्र का आगाज हो गया है। इसके साथ ही राज्य के इतिहास में पहली बार एक ही वर्ष के भीतर गैरसैंण में दो बार विधानसभा सत्र आयोजित करने का ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है।
गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने का सिलसिला वर्ष 2014 में शुरू हुआ था। इसके बाद से यहाँ समय-समय पर सदन की कार्यवाही संचालित होती रही, लेकिन नियमितता का अभाव रहा। कई सालों में केवल एक सत्र हुआ, तो 2019 और 2022 जैसे वर्षों में यहाँ एक भी सत्र आयोजित नहीं हो सका था।
भराड़ीसैंण में सत्रों का यह लगातार आयोजन पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं और विकास की जरूरतों को सीधे मंच प्रदान करता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गैरसैंण उत्तराखंड की जनभावनाओं और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। सरकार का प्रयास है कि ग्रीष्मकालीन राजधानी के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों की जनअपेक्षाओं और संतुलित विकास को प्राथमिकता दी जाए।
एक ही वर्ष में दो बार सत्र का आयोजन कर राज्य सरकार ने गैरसैंण को विधायी गतिविधियों के केंद्र के रूप में सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है। इस पहल से न केवल पर्वतीय जनभावनाओं को सम्मान मिला है, बल्कि राज्य के सुदूर क्षेत्रों के विकास को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।