Report by : CWN Desk
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टीईटी मामला: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका होगी, ‘महक क्रांति’ योजना को भी मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि स्नातक स्तरीय परीक्षा प्रकरण की सीबीआई जांच कराई गई तो पूरी भर्ती प्रक्रिया स्थगित हो जाएगी। उन्होंने शुक्रवार को एससीईआरटी सभागार में आयोजित एक समारोह के दौरान कहा कि कुछ लोग जानबूझकर प्रदेश की भर्तियों को अटकाने का षड्यंत्र रच रहे हैं।
सीएम धामी ने आरोप लगाया कि ये लोग पेपर लीक का हवाला देकर भर्ती परीक्षाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि पारदर्शी और समयबद्ध भर्तियां न हो सकें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यही लोग अन्य मामलों में सीबीआई जांच का विरोध करते हैं, लेकिन स्नातक स्तरीय परीक्षा मामले में जांच की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई जांच एक लंबी और जटिल प्रक्रिया है, जो कई वर्षों तक चलती है। यदि ऐसा हुआ तो सभी भर्ती परीक्षाएं वर्षों तक स्थगित रहेंगी। इससे राज्य के हजारों युवाओं को भारी नुकसान होगा, खासकर उन अभ्यर्थियों को, जिनकी अधिकतम आयु सीमा पूरी होने वाली है।
धामी ने कहा कि 4 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते समय उनका पहला संकल्प था कि सरकारी विभागों में रिक्त पदों को राज्य के युवाओं से भरा जाएगा। सरकार उसी संकल्प को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भर्ती परीक्षाओं को रुकने नहीं दिया जाएगा और युवाओं के हित सर्वोपरि रहेंगे।
सीएम ने कहा कि विपक्ष और कुछ संगठन युवाओं की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने का हर प्रयास असफल होगा। सरकार ने संकल्प लिया है कि योग्य युवाओं को उनकी मेहनत का उचित अवसर मिलेगा और रिक्त पद शीघ्र भरे जाएंगे।
इस बयान से साफ है कि राज्य सरकार भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को गति देना चाहती है, वहीं सीबीआई जांच की मांग को टालने की कोशिश कर रही है। अब देखना होगा कि विपक्ष और युवा संगठन इस पर क्या रुख अपनाते हैं।

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