उत्तराखण्ड
यूकेएसएसएससी स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा पेपर लीक प्रकरण: जांच के आदेश, एसआईटी का गठन
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण पर कड़ा रुख अपनाते हुए बुधवार को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया। जांच हाईकोर्ट के एक सेवानिवृत्त जज की निगरानी में होगी। सरकार ने साफ किया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, परीक्षा संबंधी आगे की सभी कार्रवाई स्थगित रहेगी।
बुधवार शाम सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन और डीजीपी दीपम सेठ ने संयुक्त प्रेस वार्ता में फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एसआईटी को पूरे प्रदेश में जांच का अधिकार दिया गया है। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज और एसआईटी प्रदेश का भ्रमण कर परीक्षार्थियों, अभ्यर्थियों और आम नागरिकों से सुझाव व तथ्य एकत्र करेंगे। जिसके पास भी परीक्षा से संबंधित कोई साक्ष्य या तथ्य हो, वह जांच दल को उपलब्ध करा सकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि हरिद्वार के उस परीक्षा केंद्र की भी जांच की जा रही है, जिस पर गंभीर सवाल उठे हैं। यदि किसी भी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका पेपर लीक में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने आयोग से अनुरोध किया है कि जांच पूरी होने तक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन, परिणाम जारी करने और आगे की प्रक्रिया को रोक दिया जाए। यह कदम परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
जांच दल को एक माह के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि परीक्षा रद्द होगी या आगे की प्रक्रिया बहाल की जाएगी। सरकार का कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही अभ्यर्थियों का विश्वास बहाल किया जा सकेगा।
