नैनीताल
90 साल के ‘कीवी मैन’ सगत सिंह: नैनीताल की पहाड़ियों में क्रांति लाने वाला किसान
हल्द्वानी। उत्तराखंड के नैनीताल ज़िले के निगलाट गांव में रहने वाले 90 वर्षीय सगत सिंह मेहरा ने अपनी मेहनत और दूरदृष्टि से कीवी की खेती के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। उन्हें अब लोग ‘कीवी मैन’ के नाम से पहचानने लगे हैं। यह सफर वर्ष 2000 में तब शुरू हुआ जब उन्होंने अपनी ज़मीन पर कुछ कीवी के पौधे लगाए—बिना यह सोचे कि यह प्रयोग एक दिन पूरे इलाके की तस्वीर बदल देगा।


शुरुआत में शौक से की गई खेती ने धीरे-धीरे एक बड़े व्यवसाय का रूप ले लिया। आज, 25 वर्षों के अथक परिश्रम के बाद, सगत सिंह की नर्सरी में लगभग 6,000 ग्राफ्टेड और 15,000 बीज से उगे कीवी के पौधे तैयार हैं। उनकी कीवी नर्सरी से पौधे सिर्फ उत्तराखंड में ही नहीं, बल्कि भारत के अन्य राज्यों और नेपाल तक भेजे जाते हैं।

सगत सिंह ने न केवल खुद सफलता पाई, बल्कि उन्होंने अपने अनुभव से इलाके के अन्य किसानों को भी प्रेरित किया। उन्होंने लोगों को बताया कि पहाड़ी इलाकों में भी व्यावसायिक खेती के जरिये बेहतर आजीविका संभव है। उनकी राह पर चलकर कई किसानों ने कीवी की खेती शुरू की और अब अच्छा लाभ कमा रहे हैं।
‘कीवी मैन’ सगत सिंह की यह कहानी मेहनत, धैर्य और नवाचार की मिसाल है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि उम्र कभी भी जुनून की राह में बाधा नहीं बन सकती। 90 की उम्र में भी वह सक्रिय हैं और अपनी नर्सरी के ज़रिये युवाओं को स्वरोजगार की राह दिखा रहे हैं।
