हरिद्वार
कांवड़ मेले में खोई मूक-बधिर महिला को मिला परिवार, वन स्टॉप सेंटर की बड़ी पहल
हरिद्वार कांवड़ मेले में खोई मूक-बधिर महिला सुमन को वन स्टॉप सेंटर और साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट्स की मदद से उसके परिवार से सुरक्षित मिलाया गया।
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में आयोजित कांवड़ मेले के दौरान अपनों से बिछड़ी एक मूक-बधिर महिला को वन स्टॉप सेंटर और पुलिस की सजगता से उसका परिवार वापस मिल गया है। पिछले एक दिन से बहादराबाद स्थित वन स्टॉप सेंटर में आश्रय ले रही मूक-बधिर महिला सुमन को प्रशासनिक एवं सामाजिक प्रयासों के बाद उसके ससुर को सुरक्षित सौंप दिया गया।
महिला के ससुर राजकुमार ने बताया कि उनकी बहू सुमन और बेटा करन कई दिनों से लापता थे। काफी खोजबीन के बाद जब वे हरिद्वार पहुंचे, तो उन्हें जानकारी मिली कि उनकी बहू को बहादराबाद के वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। इसके बाद वे तुरंत सेंटर पहुंचे और अधिकारियों से संपर्क किया।
सत्यापन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए देवभूमि बधिर एसोसिएशन की प्रदेश प्रवक्ता सोनिया अरोड़ा और केंद्र सरकार के ISLRTC के एक्जीक्यूटिव काउंसिल सदस्य संदीप अरोड़ा को बुलाया गया। उन्होंने सांकेतिक भाषा (साइन लैंग्वेज) में महिला से संवाद किया। महिला ने इशारों के जरिए पहचान की पुष्टि की कि वहां आया व्यक्ति उसके ससुर हैं और उनके साथ जाने की सहमति जताई।
कनखल पुलिस और वन स्टॉप सेंटर की टीम ने सभी आवश्यक कानूनी जांच-पड़ताल की। महिला की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद पुलिस और सेंटर संचालकों ने सुमन और उसकी मासूम बेटी शिवानी को उनके ससुर राजकुमार के सुपुर्द कर दिया।
इस पूरे राहत कार्य में थाना कनखल की महिला कांस्टेबल प्रियंका, सुमन चौहान, पैरालीगल एडवोकेट टीनू शर्मा और केस जांच सदस्य ज्योति सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। अधिकारियों और विशेषज्ञों के इस त्वरित समन्वय की हर तरफ सराहना हो रही है।
