उत्तराखण्ड
शैलेश मटियानी पुरस्कार 2025: राजभवन में 19 शिक्षकों को मिला राज्य शिक्षक सम्मान
देहरादून राजभवन में शिक्षक दिवस पर 19 शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। देखें जिलेवार विजेता सूची और मुख्य बातें।
देहरादून। शिक्षक दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित राजभवन में आयोजित एक विशेष राज्य स्तरीय समारोह में उत्तराखंड के 19 उत्कृष्ट शिक्षकों को वर्ष 2025 के शैलेश मटियानी राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने राज्य के विभिन्न जिलों से आए अध्यापकों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। इस दौरान राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका मंजूबाला को भी मंच पर सम्मानित किया गया।
समारोह में प्रारंभिक शिक्षा के 12, माध्यमिक शिक्षा के 6 और प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के 1 शिक्षक को यह सम्मान मिला। प्रारंभिक शिक्षा में चमोली के विष्णुपाल सिंह नेगी, पौड़ी गढ़वाल के लखपत सिंह रावत, उत्तरकाशी के पृथ्वी सिंह रावत और देहरादून के बीरेंद्र सिंह रावत शामिल हैं। इनके साथ हरिद्वार के रोबिन कुमार, टिहरी के महेश्वर प्रसाद सेमवाल, रुद्रप्रयाग के शशिकांत नौटियाल, चंपावत के जहीर अब्बास, ऊधमसिंह नगर के नौ सिंह, नैनीताल की डॉ. श्वेता, पिथौरागढ़ के विक्रम सिंह परिहार और अल्मोड़ा के त्रिलोक सिंह अधिकारी को भी पुरस्कृत किया गया।
माध्यमिक शिक्षा वर्ग में पौड़ी गढ़वाल के नरेंद्र सिंह नेगी, चमोली की डॉ. सुमन ध्यानी शर्मा, देहरादून के कमलेश पंवार, चंपावत के डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव, हरिद्वार के चंद्र पंत और नैनीताल के विशन सिंह मेहता को सम्मानित किया गया। वहीं प्रशिक्षण संस्थान श्रेणी से उत्तरकाशी के डॉ. सुबोध सिंह बिष्ट को राज्य स्तर पर नवाचार के लिए यह सम्मान मिला।
राज्यपाल ने सभी सम्मानित शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव होते हैं। राज्य सरकार हर वर्ष शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले गुरुजनों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से नवाजती है।
समारोह में उपस्थित शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सम्मानित शिक्षक अपनी कार्यशैली और समर्पण से प्रदेश के अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
