उत्तराखंड के विकासनगर में महिला को किडनी इलाज की मदद का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार। पुलिस ने पासबुक और एटीएम किए बरामद।
देहरादून। जिले के विकासनगर से साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। विकासनगर कोतवाली पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक ‘म्यूल अकाउंट’ (Mule Account) के मामले में उत्तरकाशी के एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक जरूरतमंद महिला को किडनी के इलाज के लिए सरकारी आर्थिक सहायता दिलाने का झांसा देकर उसके नाम से बैंक खाते खुलवाए थे।
साइबर सेल देहरादून से प्राप्त म्यूल अकाउंट्स की सूची की जांच के दौरान भारतीय स्टेट बैंक, मेन रोड विकासनगर से जुड़े एक खाते में संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि इस खाते के जरिए 50 हजार रुपये की साइबर धोखाधड़ी की गई है। इस संबंध में साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद विकासनगर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।
पुलिस की पूछताछ में पीड़ित महिला ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि वह किडनी की मरीज (डायलिसिस पेशेंट) है। आरोपी चमन ने उसे सरकारी मदद का लालच देकर एसबीआई और केनरा बैंक में उसके खाते खुलवाए थे। इसके बाद एटीएम, पासबुक और खाते से लिंक मोबाइल नंबर समेत सभी दस्तावेज आरोपी ने अपने पास रख लिए थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया गया, जबकि पीड़ित महिला को एक भी रुपया नहीं दिया गया।
सर्विलांस और अन्य माध्यमों से पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद विकासनगर पुलिस ने 21 अक्टूबर 2026 को अभियुक्त चमन (पुत्र शांति, निवासी ग्राम ढुईक, थाना पुरोला, उत्तरकाशी, उम्र 50 वर्ष) को पुल नंबर-1 विकासनगर से धर दबोचा। आरोपी के कब्जे से 2 बैंक पासबुक, 1 एटीएम कार्ड और 1 एयरटेल सिम कार्ड बरामद किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल जा चुका है।
इस घटना के बाद दून पुलिस ने आम जनता से विशेष अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर अपने बैंक खाते, एटीएम, पासबुक या लिंक्ड सिम कार्ड किसी अन्य को न सौंपें। साइबर अपराधी अक्सर मदद या कमीशन का लालच देकर भोले-भाले लोगों को अपना मोहरा बनाते हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।