Report by : CWN Desk
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म्यांमार केके पार्क का खौफ: साइबर गुलामी से बचा उत्तराखंड का सौरव, सुनाई आपबीती

दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर जालसाजों ने 7 करोड़ रुपये ठग लिए। जानें कैसे मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर हुई यह बड़ी धोखाधड़ी।

नई दिल्ली। दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश से साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला कारोबारी को जालसाजों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर सात करोड़ रुपये की चपत लगा दी। बदमाशों ने महिला को तीन दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए बंधक बनाकर रखा। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ठगी की शुरुआत 5 जनवरी को एक फोन कॉल से हुई थी। फोन करने वाले ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए दावा किया कि महिला के सिम कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है। गिरफ्तारी की धमकी देकर आरोपियों ने महिला को बुरी तरह डरा दिया। महिला घर में अकेली रहती थी, जिसका फायदा उठाकर ठगों ने उन्हें किसी से भी बात करने से मना कर दिया।
अपराधियों ने महिला को तीन दिनों तक लगातार वीडियो कॉल पर रखा और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी। इस दौरान महिला को उनके बच्चों से भी संपर्क नहीं करने दिया गया। जालसाजों के दबाव में आकर महिला ने अपने बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से पैसे निकाले। उन्होंने 9 से 12 जनवरी के बीच कुल तीन ट्रांजैक्शन में सात करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
जब मंगलवार को महिला के बच्चों ने उनसे संपर्क किया, तब जाकर इस पूरी ठगी का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, ठगों ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए ‘म्यूल अकाउंट्स’ (Mule Accounts) का इस्तेमाल किया है। इन खातों के कारण पैसों के असली स्रोत तक पहुँचना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल साइबर सेल मामले की गहराई से जांच कर रही है।

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