देहरादून
सावधान! ऋषिकेश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का आतंक: रिटायर्ड बुजुर्ग से ठगे ₹69 लाख, दो महीने तक डराया
ऋषिकेश के गंगा नगर में साइबर ठगों ने ED और CBI अधिकारी बनकर बुजुर्ग परिवार को 2 महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखा और ₹69 लाख की ठगी की। जानें कैसे बचें इस फ्रॉड से।
ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में साइबर ठगों ने कानून का डर दिखाकर एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग और उनके परिवार को दो महीने तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और CBI का अधिकारी बताकर परिवार से ₹69 लाख की बड़ी रकम लूट ली। यह घटना गंगा नगर (गंगा रेजीडेंसी) निवासी भगवत नारायण झा के साथ घटी है।
ठगी का यह खेल 17 नवंबर 2025 को शुरू हुआ, जब पीड़ित के पास एक अनजान कॉल आया। कॉल करने वालों ने फर्जी जस्टिस और जांच अधिकारी बनकर दावा किया कि पीड़ित के खाते में ₹10 करोड़ का अवैध लेनदेन हुआ है। अपराधियों ने सीबीआई जांच और संपत्ति सीज करने की धमकी देकर पूरे परिवार को मानसिक दबाव में ले लिया।
पीड़ित की पुत्री सारिका शर्मा ने बताया कि ठगों ने किसी को भी जानकारी देने पर जान का खतरा होने की बात कही थी। इसी डर के कारण परिवार दो महीने तक बाहरी दुनिया से कट गया और डिजिटल कैद में रहा। इस दौरान ठगों ने अलग-अलग खातों में कुल छह किश्तों में ₹69 लाख ट्रांसफर करवा लिए।
हैरानी की बात यह है कि अपराधियों ने पैसे वापस करने का झांसा देकर परिवार का भरोसा जीत रखा था। उन्होंने कहा था कि जांच पूरी होने के बाद पूरी रकम लौटा दी जाएगी। फिलहाल पीड़ित परिवार अब पूरी तरह टूट चुका है और उन्होंने सरकार से रकम की रिकवरी और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। यदि कोई आपको वीडियो कॉल पर डराए या घर में रहने को मजबूर करे, तो तुरंत सावधान हो जाएं। किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत 1930 पर दें या नजदीकी साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
