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देहरादून

ऋषिकेश को मिलेगी नई पहचान: सीएम धामी ने गंगा कॉरिडोर और सांस्कृतिक विरासत पर दिया बड़ा बयान

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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश के ऐतिहासिक श्री भरत मंदिर में बसंतोत्सव का शुभारंभ किया। जानें गंगा कॉरिडोर और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को लेकर क्या बोले मुख्यमंत्री।

ऋषिकेश: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को ऋषिकेश के ऐतिहासिक श्री भरत मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय बसंतोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। झंडा चौक स्थित इस प्राचीन मंदिर में उन्होंने भगवान हृषिकेश के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर उत्सव का विधिवत शुभारंभ किया और मंदिर प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ऋषिकेश और हरिद्वार के कायाकल्प पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गंगा कॉरिडोर विकसित करने पर तेजी से काम कर रही है। इस कॉरिडोर के माध्यम से इन धार्मिक शहरों को वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक शक्ति के रूप में स्थापित किया जाएगा। सीएम ने विश्वास जताया कि इससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
सांस्कृतिक गौरव का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने प्रसिद्ध लोकगायिका मैथिली ठाकुर की उपस्थिति पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि मैथिली ठाकुर जैसे कलाकार उत्तराखंड की लोक कला और परंपराओं को विश्व पटल पर ले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार मंदिरों के जीर्णोद्धार और लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
समारोह के दौरान भारत की बढ़ती वैश्विक शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। ऋषिकेश और हरिद्वार केवल शहर नहीं, बल्कि हमारी आस्था के केंद्र हैं। इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास सरकार की प्राथमिकता है। मंदिर परिवार ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत कर उन्हें सम्मानित किया।
अंत में, मुख्यमंत्री ने कहा कि बसंतोत्सव जैसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। उत्तराखंड की परंपराएं ही हमारी असली पहचान हैं और इन्हें और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस आयोजन में भारी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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