Report by : राम सिंह, अल्मोड़ा
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सीमाओं से घुसपैठ रोकने में गुरिल्लायुक्त सुरक्षा प्रणाली कारगर

जन-जागरण यात्रा पहुँची श्रीनगर

श्रीनगर। 23 जून को अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से चली गुरिल्ला जनजागरण रथ यात्रा, प्रदेश के विभिन्न जिलों में जन- जागरण करते हुए आज यहां पहुची। रथयात्रा का यहां गुरिल्लों ने जोरदार स्वागत किया। गुरिल्लों ने आदि शक्ति मां धारी देवी में पूजा अर्चना के बाद, भारी बारिश के चलते कमली धर्मशाला में हुई बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष ब्रह्मा नंद डालाकोटी ने कहा कि सीमाओं पर खुफिया निगरानी में गुरिल्लों की उपयोगिता सरकार को जितनी जल्दी समझ में आये उतना अच्छा है। अभी कुछ दिन पहले समाचार पत्रों में खबर छपी थी कि नेपाल सीमा से भी घुसपैठ की संभावना है मैं सरकार से कहना चाहता हूं जब घुसपैठ हो जायेगी तब सरकार उसका निदान ढूडेगी इससे बेहतर है स्थानीय लोगों से जुड़ी गुरिल्लायुक्त सुरक्षा प्रणाली नेपाल सीमा पर लगाई जाये। पूर्व में भी उत्तराखंड के कई मुख्यमंत्री भी ऐसी मांग कर चुके हैं। जिलाध्यक्ष मानसिंह नेगी ने कहा कि सभी गुरिल्लों को एकजुट होकर संघर्ष के लिए आगे आना होगा, सरकार या फिर कुछ अन्य लोगों द्वारा आंदोलन को कमजोर करने के प्रयासों को समझना होगा लोगों को आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करनी होगी बैठक के बाद संगठन के नेताओं उपजिलाधिकारी श्रीनगर के माध्यम से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री भारत सरकार मुख्यमंत्री उत्तराखंड को ज्ञापन भी प्रेषित किये ज्ञापनों में जहां सत्यापन से बंचित गुरिल्लों का सत्यापन करने की मांग की गयी है वहीं केन्द्र सरकार को एस एस बी द्वारा 9 मई 2011को भेजी सिफारिशों के अनुरूप गुरिल्लों का समायोजन करने की मांग की गयी है। राज्य सरकार से गुरिल्लों के संबंध में जारी शासनादेशो के क्रियान्वयन की मांग की गयी है। आज बैठक अनिल भट्ट,उत्तम रतूड़ी,रमेश लखेड़ा, राजेन्द्र भंडारी,मोहन लाल, नरेंद्र रांगण, नरेंद्र कंडियाल, सोना देवी, रविता राणा, रामेश्वरी आदि गुरिल्ले उपस्थित रहे।

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