Connect with us

हल्द्वानी

हरीश रावत का पुलिस पर बड़ा हमला: यात्रा में रुकावट और साज़िश का लगाया आरोप

Published

on

खबर शेयर करें 👉

पूर्व सीएम हरीश रावत ने पुलिस-प्रशासन पर धन्यवाद यात्रा के दौरान साज़िश रचने और एस्कॉर्ट गाड़ियों से मार्ग भटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें।

हल्द्वानी। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ के दौरान पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में उनके साथ कई कड़वे अनुभव हुए। रावत के अनुसार, हरिद्वार में यात्रा शांतिपूर्ण रही, लेकिन आगे बढ़ते ही प्रशासनिक स्तर पर रुकावटें पैदा की गईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे कार्यक्रम की लिखित सूचना गृह सचिव, पुलिस कमिश्नर और स्थानीय प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने काशीपुर की घटना का विशेष उल्लेख करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने बताया कि सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के काशीपुर पहुँचने पर उन्हें मुख्य मार्ग से जाने की अनुमति नहीं दी गई। प्रशासन ने रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और एक पुलिया के टूटे होने का बहाना बनाया। रावत ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि जो प्रशासन हफ्ते भर में एक छोटी पुलिया नहीं सुधार सकता, उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठते हैं।
रावत ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस की एस्कॉर्ट गाड़ी ही उनके काफिले को गलत रास्ते पर ले गई। इसके कारण उनके सहयोगियों की गाड़ियाँ भटक गईं और यात्रा में भारी देरी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना इसलिए बनाई गई ताकि वे रामनगर और हल्द्वानी समय पर न पहुँच सकें। आम तौर पर मिलने वाली ट्रैफिक एस्कॉर्ट सुविधा भी इस बार जानबूझकर नहीं दी गई, ताकि यात्रा जाम में फँस जाए।
प्रशासनिक रवैये से नाराज हरीश रावत ने पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की माँग की। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में सरकार बनने पर ऐसे अधिकारियों को सीमांत इलाकों में एक से डेढ़ साल के लिए ‘कूलिंग ड्यूटी’ पर भेजा जाना चाहिए। रावत ने कहा कि अधिकारियों का अधिकतर समय अपराध रोकने के बजाय सस्ती राजनीति में लग रहा है, जो नैनीताल पुलिस के गौरवशाली इतिहास पर एक बड़ा धब्बा है।

Select Language

Advertisement