Report by : CWN Desk
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कालेज प्रबंधन और राज्य सरकार मसूरी डिग्री कॉलेज में खाली पड़े पदों को शीघ्र भरे : उच्च न्यायालय

कमल जगाती

नैनीताल- उच्च न्यायालय ने हरिद्वार में खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की शुरुवात में ही उसे सुनने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी की एकलपीठ ने मामले को दूसरी पीठ को सुनवाई के लिए प्रेषित कर दिया है।
मामले के अनुसार देवकी कलां लक्सर निवासी वीरेंद्र कुमार ने खानपुर के विधायक उमेश शर्मा के नामांकन में दिए गए शपथ पत्र में कई तथ्य छुपाने का आरोप लगाया है। याचिका में उमेश शर्मा के खिलाफ विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन 29 आपराधिक मामलों की सूची देते हुए कहा है कि उमेश शर्मा ने केवल 16 मामलों की सूची ही शपथ पत्र के साथ निर्वाचन अधिकारी के समक्ष पेश की है, जबकि मुख्य अपराधों को छुपाया गया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि उनके द्वारा वोटरों को प्रभावित करने के लिए पुलिस के साथ मिलकर रुपये बांटे गए। इसलिए उनके चुनाव को निरस्त किया जाय। अब ऐसी स्थिति में मुख्य न्यायाधीश मामले को किसी अन्य न्यायाधीश की बेंच में भेजेंगे जहां मामले में सुनवाई होगी

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