नैनीताल। ओखलकांडा विकासखंड के दुर्गम क्षेत्र डालकन्या में बीती रात एक महिला और उसकी ननद की अंगीठी की गैस लगने से मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को मामले की जानकारी दिए बिना ही दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया। मामला जानकारी में आने पर स्थानीय पुलिस ने घर जाकर परिजनों से पूछताछ की है।
ओखलकांडा ब्लॉक के डालकन्या में गिरीश आर्य का परिवार रहता है। उनकी पत्नी बिश्नी देवी (26) और बहन ममता (15) बुधवार रात करीब आठ बजे घर का काम निपटाकर अपने कमरे में सोने चली गईं। गिरीश के अनुसार ठंड के चलते बिश्नी देवी ने अपने कमरे में कोयले की अंगीठी जलाई थी। बिश्नी देवी की एक साल की बेटी अपने दादा के साथ दूसरे कमरे में सोई थी। रात करीब 10 बजे जब बच्ची को भूख लगी तो उसके दादा शंकर राम बच्ची को उसकी मां के पास लेकर गए। बाहर से आवाज देने पर कमरे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जिस पर परिवार वालों ने कड़ी मशक्कत के बाद दरवाजा खोला तो अंदर बिश्नी देवी और ममता बेसुध मिले। परिजन रात में ही निकटवर्ती पतलोट से चिकित्सक डॉ.हिमेश मटियाली को घर लेकर आए। जांच के बाद डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को परिवारजनों ने दोनों की अंत्येष्टि कर दी। गुरुवार को पुलिस ने पूछताछ की पर कोई कागजी कार्रवाई नहीं की।
चिकित्सक डॉ.मटियाली ने बताया कि रात में वह बिश्नी देवी के परिवार वालों के साथ उनके गांव गए थे। वहां छोटे से कमरे में कोयले की अंगीठी रखी गई थी। कमरे में हवा की आवाजाही के लिए कोई खिड़की तक नहीं थी।