उत्तराखंड में एमबीबीएस दाखिला फर्जीवाड़ा मामले में एसआईटी ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फर्जी दस्तावेजों से बेटियों का एडमिशन कराया गया था।
देहरादून। उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस दाखिला कराने वाले गिरोह के खिलाफ एसआईटी की कार्रवाई लगातार जारी है। एसआईटी ने इस मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाकर अपनी बेटियों का दाखिला मेडिकल कॉलेजों में कराया था। इस बड़ी कार्रवाई के साथ ही इस प्रकरण में गिरफ्तार कुल आरोपियों की संख्या आठ हो चुकी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) कर रही है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र, स्थायी निवास और अन्य कागजात कूटरचित तरीके से तैयार करवाए थे। इसके बाद इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बेटियों को एमबीबीएस में प्रवेश दिलाया गया या नीट काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि मेरठ के मिकोडो पाठशाला के संचालक रूपेश पंडित के जरिए यह पूरा फर्जीवाड़ा अंजाम दिया गया था। आरोपियों ने अपनी बेटियों के एडमिशन के एवज में लाखों रुपए का भुगतान किया था। प्रवीण कुमार ने 25 लाख और जगपाल सिंह ने 30 लाख रुपए रूपेश पंडित को दिए थे, जबकि रामपाल सिंह ने एक अन्य परिचित के साथ मिलकर अपनी बेटी का दाखिला हरिद्वार के मेडिकल कॉलेज में करवाया था।
पुलिस और एसआईटी इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। इस तरह के फर्जीवाड़ों से योग्य और मेधावी छात्रों के अधिकारों का हनन होता है, जिस पर प्रशासन सख्त नजर बनाए हुए है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में इस प्रकार की धांधली रोकने के लिए पुलिस आगे भी कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रखेगी।