Report by : CWN Desk
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करवाचौथ 10 अक्तूबर को: सुखी दांपत्य जीवन व पति की दीर्घायु के लिए महिलाएं रखेंगी निर्जला व्रत

हल्द्वानी। इस वर्ष करवाचौथ का निर्जला व्रत शुक्रवार, 10 अक्तूबर को रखा जाएगा। पति की दीर्घायु और दांपत्य सुख के लिए विवाहित महिलाएं दिनभर उपवास रखकर चंद्रमा को अर्घ्य देंगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार करवाचौथ सिद्धि योग, कृतिका नक्षत्र और वृष राशि में चंद्रमा के संयोग में आ रहा है, जिससे व्रती महिलाओं को विशेष फल प्राप्त होंगे।
ज्योतिषाचार्य अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि करवाचौथ के दिन चंद्रमा वृष राशि में रहेंगे और शुक्रवार का दिन होने से इसका महत्व और बढ़ जाएगा। महिलाएं व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी खाकर करती हैं। इस वर्ष सरगी का शुभ समय सुबह 4 बजे से 5:30 बजे तक रहेगा।
व्रत और पूजा का समय
व्रत का आरंभ प्रातः 6:16 बजे से होगा, जो लगभग 13 घंटे 32 मिनट तक चलेगा। व्रतधारिणी महिलाएं दिनभर जल तक ग्रहण नहीं करेंगी। सायंकालीन पूजा का शुभ मुहूर्त 5:16 बजे से 6:29 बजे तक रहेगा। इसके बाद महिलाएं कथा सुनकर चंद्रमा के उदय का इंतजार करेंगी।
चंद्रोदय का समय रात्रि 8:03 बजे से 9:10 बजे तक रहेगा। इसी अवधि में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा।
धार्मिक महत्व
करवाचौथ का व्रत न केवल पति की दीर्घायु और स्वस्थ जीवन के लिए किया जाता है, बल्कि इसे दांपत्य जीवन में सौभाग्य और सुख-शांति का प्रतीक भी माना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक किया गया यह व्रत जीवन में सौभाग्य को स्थायी करता है।

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