Report by : CWN Desk
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ओखलकांडा में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की भेंट चढ़ी दो जान

एक मासूम अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच रही झूल

धानाचूली/ओखलकांडा। जनपद नैनीताल से दूरस्थ क्षेत्र ओखलकांडा के एक गांव में महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सही समय से अस्पताल नही पहुंच पाने के कारण माँ और बच्चे की मौत हो गयी। जबकि एक मासूम जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में झूल रही है। महिला द्वारा दो बच्चों को जन्म दिया था। वही इस घटना से लोगो मे स्वास्थ्य सेवाओं व सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड ओखलकांडा के चमोली निवासी दीप सिंह की पत्नी विमला देवी(24) को प्रसव पीड़ा होने पर उनके परिजन गांव से एक किमी दूर सड़क में लाये। वही 108 आपातकालीन वाहन डेढ़ घण्टा लेट पहुँचा। अस्पताल ले जाने के दौरान महिला ने दो बच्चो को जन्म दिया ,इस दौरान 108 वाहन में ही एक बच्चे की मौत हो गयी। वही बाद में महिला की भी इलाज के दौरान मौत हो गयी। जबकि दूसरे बच्चे का हल्द्वानी में इलाज चल रहा है। जहाँ उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

ग्राम प्रधान विनोद कुमार का कहना है समय से 108 वाहन पहुँच जाता तो विमला की जान बचाई जा सकती थी। वही इस इस घटना से लोगो मे सरकार व स्थानीय विधायक के प्रति नाराजगी है। लोगो का कहना है ओखलकांडा दूरस्थ क्षेत्र है यह पर 72 ग्राम पंचायतों में एक ही एम्बुलेंस होना भी सरकार व जनप्रतिनिधियों की लापरवाही है। बताया गया अधिकांश 108 हल्द्वानी में खराब पड़ी है। यह कितना सच है यह स्वास्थ्य विभाग ही बता सकता है। फिलहाल दो जान बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की भेंट चढ़ गई है। कब तक ओखलकांडा क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं सुधरेगी यह कहना अभी मुश्किल है।दो चार दिन पूर्व ही भीमताल विधायक रामसिंह कैड़ा भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर ओखलकांडा क्षेत्र की बदहाल हो रही स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए देहरादून में जाकर मांग कर चुके है।

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