Report by : CWN Desk
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यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामला : चार अधिकारी-कर्मचारी निलंबित, खालिद की जमीन पर बुलडोजर

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। गुरुवार को टिहरी जिले के अगरोड़ा राजकीय डिग्री कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन, हरिद्वार ग्राम्य विकास प्राधिकरण के परियोजना निदेशक केएन तिवारी, हरिद्वार जिले में तैनात सब-इंस्पेक्टर रोहित कुमार और कांस्टेबल ब्रह्मदत्त जोशी को निलंबित कर दिया गया। साथ ही लक्सर में आरोपी खालिद की अवैध भूमि पर बुलडोजर चलाकर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाया।
सुमन पर पेपर लीक की सूचना छिपाने का आरोप
जांच में सामने आया कि हरिद्वार के आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादरपुर जट से प्रश्नपत्र लीक करने वाले खालिद के साथ सुमन का संपर्क वर्ष 2018 से था। आरोप है कि परीक्षा प्रश्नपत्र की तस्वीरें मिलने के बावजूद उन्होंने न तो आयोग और न ही प्रशासन को सूचना दी। बल्कि उन्होंने इन्हें बॉबी पंवार को उपलब्ध कराया ताकि मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो सके। शासन का मानना है कि सुमन ने आयोग की निष्पक्षता और गोपनीयता भंग करने की साजिश रची। उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्हें फिलहाल हल्द्वानी स्थित उच्च शिक्षा निदेशालय से अटैच किया गया है।
निगरानी में लापरवाही पर कार्रवाई
केएन तिवारी परीक्षा के दौरान सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त थे। आदेश में कहा गया है कि परीक्षा केंद्र से पेपर की तस्वीरें बाहर जाने से यह स्पष्ट है कि निगरानी ठीक से नहीं की गई। इससे परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। ग्राम्य विकास सचिव एस.ए. मुरुगेशन जावलकर ने बताया कि तिवारी को पौड़ी स्थित ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय से अटैच किया गया है।
पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
आरोप है कि ड्यूटी के दौरान दोनों पुलिसकर्मी पर्याप्त सतर्कता और संवेदनशीलता नहीं बरत पाए। हरिद्वार एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने सब-इंस्पेक्टर रोहित कुमार और कांस्टेबल ब्रह्मदत्त जोशी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए।
सरकार ने साफ किया है कि परीक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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