मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में व्यय वित्त समिति ने सहसपुर जलाशय और खैरना बैराज पेयजल समेत 5 बड़ी विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी। पूरी खबर पढ़ें।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित व्यय वित्त समिति की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सचिवालय में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के आठ प्रस्तावों पर गहनता से चर्चा की गई। समिति ने समीक्षा के बाद पेयजल, सिंचाई और सड़क अवसंरचना से संबंधित पांच प्रमुख प्रस्तावों को हरी झंडी दिखा दी।
स्वीकृत प्रस्तावों में सहसपुर में ₹326.64 करोड़ की पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय परियोजना और नैनीताल में ₹382.40 करोड़ का खैरना बैराज पेयजल प्रोजेक्ट मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके अलावा जनपद बागेश्वर में ₹13.15 करोड़ की लागत से बनने वाले सर्किट हाउस तथा कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए ₹21.81 करोड़ के बजट को मंजूरी दी गई।
आगामी कुंभ मेला-2027 को ध्यान में रखते हुए शहरी विकास विभाग और नगर निगम हरिद्वार के अंतर्गत स्वच्छता व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु ₹25 करोड़ का प्रस्ताव पास किया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि मेले में तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली से दर्ज की जाए। पारदर्शी सत्यापन के बाद ही संबंधित एजेंसियों को भुगतान सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को वित्तीय अनुशासन, कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपरिहार्य परिस्थितियों के अलावा परियोजनाओं की लागत वृद्धि के प्रस्ताव दोबारा न लाए जाएं। अधिकारियों को परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन और अपशिष्ट जल प्रबंधन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।