Report by : CWN Desk
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उत्तराखंड एसटीएफ का ‘ऑपरेशन प्रहार’: करोड़ों की साइबर ठगी का भंडाफोड़

उत्तराखंड STF ने साइबर ठगी के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। 15 म्यूल खातों पर कानूनी शिकंजा कसा और 2 एजेंट गिरफ्तार। जानें क्या है पूरा मामला।

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) अजय सिंह के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। एसटीएफ की 12 विशेष टीमों ने राज्य में संचालित लगभग 2200 संदिग्ध म्यूल बैंक खातों को रडार पर लिया है। जांच के दौरान 15 प्रमुख म्यूल खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन का खुलासा हुआ है।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशों पर चल रहे इस अभियान में एसटीएफ ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दो मुख्य एजेंटों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान दानिश अंसारी और अंकित एन्थोनी के रूप में हुई है, जो देहरादून के ही निवासी हैं। इनके पास से फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड, मोबाइल फोन और कई बैंकों की पासबुक बरामद की गई हैं।
जांच में सामने आया कि ये अपराधी भोले-भाले लोगों को कमीशन, नौकरी या किराए का लालच देकर उनके बैंक खाते खरीदते थे। इसके बाद इन खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम को छिपाने और ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। एक ही खाते में लगभग ₹1.53 करोड़ की ठगी से संबंधित 28 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में अपना बैंक खाता या केवाईसी (KYC) विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि लालच में आकर अपना खाता किराए पर देना एक गंभीर कानूनी अपराध है। संदिग्ध लेनदेन की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए।
साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है। कई अन्य खाताधारकों को भी नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एसटीएफ अब उन मास्टरमाइंड्स की तलाश कर रही है जो इन एजेंटों के पीछे रहकर इस पूरे सिंडिकेट को चला रहे हैं।

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