हल्द्वानी में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर नीतू बिष्ट के मां काली के स्वरूप वाले वीडियो पर बवाल। करणी सेना ने कोतवाली में प्रदर्शन कर दर्ज कराई FIR की मांग।
हल्द्वानी। सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स पाने की चाहत में धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। उत्तराखंड के हल्द्वानी में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर नीतू बिष्ट का एक नया वीडियो अब तूल पकड़ चुका है। मां काली के पवित्र और पूजनीय स्वरूप को कथित तौर पर आपत्तिजनक ढंग से पेश करने पर भारी विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठनों और करणी सेना ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जताते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
यह पूरा विवाद हाल ही में सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो से शुरू हुआ है। आरोप लगाया गया है कि इन्फ्लुएंसर नीतू बिष्ट ने मां काली का रूप धारण करके सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर वीडियो शूट किया था। इस प्रकार की प्रस्तुति से आम जनता और विशेषकर बच्चों के मन में भय का माहौल पैदा हुआ। सनातन धर्म के अनुयायियों का मानना है कि लोकप्रियता हासिल करने के लिए धार्मिक आस्थाओं के साथ ऐसा खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वीडियो सामने आते ही शहर में हिंदूवादी संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। करणी सेना की महिला जिला अध्यक्ष योगिता बनोला के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने हल्द्वानी कोतवाली का घेराव किया। उन्होंने पुलिस को एक आधिकारिक शिकायती पत्र सौंपकर आरोपी के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि सनातन संस्कृति का अनादर करने वालों को कानून के दायरे में लाना बेहद जरूरी है।
प्रदर्शन के दौरान संगठनों के नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही आरोपी पर कानूनी शिकंजा नहीं कसा गया, तो वे पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और पुलिस की होगी। कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम बनाए जाने चाहिए।
फिलहाल पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए शिकायती पत्र की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों की पूरी पड़ताल के बाद नियमानुसार उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाते समय लोगों को अपनी सामाजिक और धार्मिक मर्यादाओं का पूरा ध्यान रखना चाहिए।
