चुनाव आयोग ने यूपी, उत्तराखंड और पंजाब सहित 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। पहली जांच टीम उत्तराखंड पहुंची, 15 दिसंबर के बाद होगी घोषणा।
देहरादून। आगामी विधानसभा चुनावों को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने अपनी प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। एसआईआर (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बयानों से इतर आयोग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले चुनाव की प्रक्रिया का खाका तैयार कर लिया है। आयोग की ओर से चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए विशेष टीमों को राज्यों के दौरे पर भेजने का सिलसिला शुरू हो चुका है।
तैयारियों का जायजा लेने के लिए चुनाव आयोग की पहली जांच टीम उत्तराखंड के दौरे पर पहुंच चुकी है। आयोग की योजना के अनुसार उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी चार राज्यों में अधिकारियों का यह प्रारंभिक दौरा अक्टूबर महीने में ही पूरा कर लिया जाएगा। वहीं नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में केंद्रीय अधिकारियों की टीम उत्तर प्रदेश का रुख करेगी, जिससे सभी पांचों राज्यों की मैदानी रिपोर्ट समय से तैयार की जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों के इस प्रारंभिक चरण के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों का दल 15 दिसंबर तक सभी पांचों राज्यों का अंतिम दौरा पूरा कर लेगा। चुनाव आयोग की परंपरा के अनुसार आयोग के इन समीक्षा दौरों का समापन चुनाव तिथियों की औपचारिक घोषणा का स्पष्ट संकेत माना जाता है। ऐसे में माना जा रहा है कि 15 दिसंबर के बाद कभी भी आचार संहिता और चुनाव तिथियों का एलान किया जा सकता है।
निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने ईवीएम (EVM) मशीनों के पहले चरण की जांच (FLC) का काम भी शुरू करा दिया है। इस तकनीकी प्रक्रिया के तहत बीईएल (BEL) और ईसीआईएल (ECIL) के अधिकृत इंजीनियर जिला निर्वाचन अधिकारी और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट (VVPAT) की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
