उत्तराखंड में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दोगुने मुआवजे, बिजली बिल स्थगन और KCC ऋण में राहत की बड़ी घोषणा की है।
देहरादून। उत्तराखंड में हाल ही में हुई भारी ओलावृष्टि से फसलों को पहुंचे नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों के पक्ष में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को घोषणा की कि प्रभावित किसानों को आपदा राहत मानकों के तहत तय राशि के अलावा उतनी ही अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस फैसले से प्रभावित किसानों को सीधा दोगुना मुआवजा मिलेगा, जिससे उनके वित्तीय संकट को कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने किसानों को राहत देते हुए अक्तूबर से दिसंबर तक के बिजली के बिलों को स्थगित करने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण की किस्तों के भुगतान में राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार को औपचारिक अनुरोध पत्र भेज रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे अन्नदाताओं की आजीविका सुरक्षित रहे।
राज्य आपदा प्रबंधन और कृषि विभाग के सर्वेक्षण के अनुसार खरीफ 2026 की लगभग 8372.31 हेक्टेयर कृषि भूमि ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है। प्रदेश के कई ज़िलों में फसलों को भारी क्षति पहुँची है। हरिद्वार के बहादराबाद और लक्सर क्षेत्र में लगभग 5 हेक्टेयर में लगी सब्जियों की फसलें नष्ट हो गई हैं। इसके अलावा, देहरादून के रायपुर में 10 से 15 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में 20 प्रतिशत, टिहरी के घनसाली में 30 प्रतिशत और पौड़ी के नैनीडांडा एवं रिखणीखाल में 30 प्रतिशत तक नुकसान दर्ज किया गया है।
मुख्य सचिव और संबंधित विभागीय अधिकारियों को नुकसान के त्वरित भौतिक सत्यापन और राहत राशि के पारदर्शी वितरण के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और खेती-किसानी को पटरी पर लाने के लिए हर संभव वित्तीय व प्रशासनिक मदद प्रदान करेगी।
