Report by : राम सिंह, अल्मोड़ा
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अलविदा कलावती तिवारी: उत्तराखंड आंदोलन की मजबूत रीढ़ और सादगी की प्रतिमूर्ति नहीं रहीं

अल्मोड़ा के धौलादेवी में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता पूरन तिवारी की पत्नी स्व. कलावती देवी के निधन पर शोक सभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

अल्मोड़ा। जिले के धौलादेवी क्षेत्र में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। यह शोक सभा वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और आंदोलनकारी पूरन तिवारी की धर्मपत्नी स्व. कलावती देवी के आकस्मिक निधन पर आयोजित की गई थी। इस अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने भारी संख्या में भाग लिया।
शोक सभा के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की। इसके बाद वक्ताओं ने स्व. कलावती देवी के जीवन और उनके योगदान को याद किया। उपस्थित लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में उन्हें ढांढस बंधाया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि स्व. कलावती देवी एक बेहद सरल, ममतामयी और संघर्षशील महिला थीं। उन्होंने आजीवन अपने पति पूरन तिवारी के सामाजिक और जनहित के कार्यों में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दिया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी तीनों बेटियों को श्रेष्ठ संस्कार देकर समाज में एक मिसाल कायम की।
इस शोक सभा में मुख्य रूप से बसंत खनी, कौस्तुबानंद भट्ट, शिवदत्त पाण्डे, बसंत राम और राम सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने स्व. कलावती देवी के निधन को क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। अंत में ईश्वर से शोक संतप्त परिवार को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गई।

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