उत्तराखण्ड एसटीएफ ने BotBro और BotAlpha जैसी फर्जी ट्रेडिंग कम्पनियों के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
देहरादून। उत्तराखंड विशेष कार्य बल (STF) ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर आम जनता से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। एसटीएफ की विशेष अन्वेषण दल (SIT) ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों, नवीन सिंह नेगी और कविता परमार को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को अधिक मुनाफे और मुफ्त विदेश यात्राओं का प्रलोभन देकर ठगी का शिकार बनाता था।
जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठा मुख्य मास्टरमाइंड लविश चौधरी BotBro, BotAlpha, Cross Market और TLC Coin जैसी कई फर्जी कंपनियों के जरिए इस ठगी नेटवर्क को चला रहा था। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इनमें से कोई भी कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से पंजीकृत नहीं थी।
गिरफ्तार अभियुक्ता कविता परमार कंपनी में ‘सीनियर ईगल एग्जीक्यूटिव’ के पद पर काम कर रही थी, जिसकी रोबो आईडी से लगभग 10 से 15 हजार लोग जुड़े हुए थे। कंपनी के खर्च पर उसने वर्ष 2023 से 2026 के बीच मलेशिया, दुबई और वियतनाम जैसी 12-13 विदेश यात्राएं की थीं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि निवेशकों को उनके ऑनलाइन खातों में दिखने वाले डॉलर केवल फर्जी संख्याएं होती थीं, जिनका कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं था।
कंपनी बंद होने और पुलिस केस दर्ज होने के बाद भी अभियुक्त नवीन सिंह नेगी RISENWAYS नाम से नई फर्जी कंपनी बनाकर Zoom मीटिंग्स के जरिए दोबारा लोगों को ठगने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें बैंकिंग डिटेल्स और क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन से जुड़े अहम सबूत मिले हैं। एसटीएफ ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत ऑनलाइन निवेश योजना के झांसे में न आएं।