Report by : CWN Desk
Published at :
सीएम सौर स्वरोजगार योजना: दूसरे चरण में बदलेगा फोकस, पांच जिलों पर रहेगा जोर

देहरादून। उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी सीएम सौर स्वरोजगार योजना के दूसरे चरण में अब फोकस बदला जाएगा। पहले चरण में टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी और चंपावत जिलों से सबसे ज्यादा आवेदन आए थे। इन जिलों में बड़ी संख्या में सोलर पावर प्लांट की स्थापना के कारण यूपीसीएल की विद्युत लाइनों की क्षमता पर दबाव बढ़ गया है। अब स्थिति यह है कि यहां की मौजूदा लाइनें नए सोलर प्लांट का अतिरिक्त भार उठाने में सक्षम नहीं हैं।
प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम ने योजना की समीक्षा बैठक में यूपीसीएल और उरेडा से दूसरे चरण को लेकर रिपोर्ट मांगी। यूपीसीएल की ओर से स्पष्ट किया गया कि जब तक 33 केवी के नए सब-स्टेशन और अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं हो जाते, तब तक टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी और चंपावत में नए सोलर प्लांट के लिए तकनीकी अनुमति देना संभव नहीं होगा। इसलिए इन जिलों में फिलहाल नए आवेदनों पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
दूसरे चरण में अब चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन जिलों में पहले चरण में अपेक्षाकृत कम आवेदन आए थे, इसलिए अब इन्हीं क्षेत्रों में सोलर प्लांट के लिए कोटा तय किया जाएगा। इसके अलावा देहरादून और नैनीताल के केवल पहाड़ी क्षेत्रों को योजना में शामिल किया जाएगा।
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य प्रदेशभर में योजना का संतुलित विस्तार करना है, ताकि सभी जिलों को सौर ऊर्जा उत्पादन से रोजगार और आय का अवसर मिल सके। ऊर्जा विभाग का मानना है कि दूसरे चरण का यह कदम राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को संतुलित तरीके से बढ़ाने में मदद करेगा।

Follow CWN TODAY on WhatsAppJoin ›