Report by : CWN Desk
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देहरादून: निजी अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत, ऑपरेशन में पेट में छोड़ा पट्टी का टेप!

कालाढूंगी थाना क्षेत्र के रामनगर वन प्रभाग, कोटाबाग में वन दरोगा पूरन चंद्र आर्य (56) का शव सरकारी क्वार्टर में मिला। प्रथम दृष्टया मौत का कारण हृदय गति रुकना माना जा रहा है। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

नैनीताल/कालाढूंगी। नैनीताल जिले के कालाढूंगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामनगर वन प्रभाग के कोटाबाग में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक वन दरोगा का शव उनके सरकारी आवास में अचेत अवस्था में मिला। मृतक की पहचान पूरन चंद्र आर्य (56), निवासी शांतिपुर, उधम सिंह नगर के रूप में हुई है, जो कोटाबाग रेंज में तैनात थे और सरकारी क्वार्टर में अकेले रहते थे।
जानकारी के अनुसार, वन दरोगा पूरन चंद्र आर्य बुधवार देर रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चले गए थे। अगले दिन, गुरुवार सुबह जब एक सहकर्मी उन्हें ड्यूटी के लिए बुलाने पहुंचा और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। दरवाजा खोलने पर कर्मचारी ने उन्हें अचेत अवस्था में पाया। तुरंत सहकर्मी उन्हें कोटाबाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया उनकी मौत का कारण हृदय गति रुकना (हार्ट अटैक) माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
पूरन चंद्र आर्य अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। रामनगर वन प्रभाग के विभागीय कर्मचारियों में उनकी अचानक मौत से शोक की लहर है। सहकर्मियों ने उन्हें एक मेहनती और ईमानदार अधिकारी बताया। पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जल्द ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

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