Report by : CWN Desk
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हल्द्वानी के होटल में खौफनाक वारदात: काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह ने फेसबुक लाइव के बाद की खुदकुशी

काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के बाद पुलिस ने 26 लोगों पर केस दर्ज किया है। कांग्रेस ने धामी सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

काशीपुर। उत्तराखंड के काशीपुर में करोड़ों रुपये की जमीन धोखाधड़ी और पुलिसिया प्रताड़ना से तंग आकर किसान सुखवंत सिंह द्वारा की गई आत्महत्या ने राज्य की सियासत गरमा दी है। मृतक के भाई परविंदर सिंह की तहरीर पर आईटीआई कोतवाली पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलरों और उनके करीबियों सहित 26 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर ₹3.82 करोड़ की ठगी और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है।
सुखवंत सिंह ने अप्रैल 2025 से ही पुलिस के चक्कर काटने शुरू कर दिए थे। उन्होंने अमरजीत सिंह, आशीष चौहान और कुलविंदर सिंह जैसे डीलरों के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के बजाय उन्हें ही धमकाया। न्याय न मिलने से हताश होकर सुखवंत ने खुद को गोली मार ली। उनके सुसाइड नोट और वीडियो में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की बात भी सामने आई है।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। एआईसीसी सदस्य अनुपम शर्मा और विधायक सुमित हृदयेश ने पुलिस के दोहरे रवैये पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि एक तरफ व्लॉगर ज्योति अधिकारी पर 48 घंटे में आठ मुकदमे दर्ज कर दिए गए, वहीं एक पीड़ित किसान सालभर तक न्याय के लिए भटकता रहा। विपक्ष का कहना है कि महज निलंबन या लाइन हाजिर करना काफी नहीं है।
धामी सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने मांग की है कि सुसाइड नोट में नामजद पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल ने इसे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताया है। फिलहाल, क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस सतर्क है और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

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