Report by : CWN Desk
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बागेश्वर: इमर्शन रॉड से करंट लगने से 42 वर्षीय ग्रामीण की मौत, भनार गांव में मातम

पौड़ी जिले के पोखड़ा ब्लॉक में गुलदार ने 65 वर्षीय रानी देवी को घर से 100 मीटर दूर मार डाला। इस साल 3 लोगों को निवाला बनाने वाले आदमखोर को ‘शूट एट साइट’ का आदेश मिला। जानें पूरी घटना।

पौड़ी: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है, खासकर पौड़ी जिले का पोखड़ा ब्लॉक बुरी तरह प्रभावित है। इस साल यह बाघ अब तक तीन लोगों को अपना निवाला बना चुका है, जबकि दर्जनों लोग उसके हमले में घायल हुए हैं। गुरुवार को हुई एक दर्दनाक घटना ने ग्रामीणों के डर को चरम पर पहुँचा दिया, जब बागड़ीगाड़ गाँव की 65 साल की रानी देवी घर से मात्र 100 मीटर दूर गुलदार का शिकार बन गईं।
सुबह लगभग 9 बजे रानी देवी अपनी बहू सपना और पोते के साथ खेत की ओर घास काटने निकली थीं। लगभग 11:30 बजे रानी देवी ने अपनी बहू और नाती को घर वापस भेजते हुए कहा था कि वह आधा घंटा और घास काटकर आती हैं। लेकिन वह आधा घंटा कभी पूरा नहीं हुआ। काफी देर तक दादी के नहीं लौटने पर, बहू सपना ने बच्चों को बुलाने भेजा। बच्चों को झाड़ियों के पास दादी की साड़ी मिली, जिसके बाद गाँव में हड़कंप मच गया और पता चला कि गुलदार ने हमला किया है।
इस हृदय विदारक घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और देर रात तक रेंज ऑफिस के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के बढ़ते दबाव के बीच, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके परिणामस्वरूप, प्रशासन ने लगभग एक साल बाद उस आदमखोर गुलदार को मारने के लिए ‘शूट एट साइट’ के आदेश जारी कर दिए हैं, जिसने इस पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना रखा है।
रानी देवी के परिवार में उनके पति रमेश चंद्र और दो बेटे, मुकेश और राकेश हैं। ग्रामीण अब वन विभाग से इस आदमखोर को जल्द से जल्द पकड़ने या मारने की मांग कर रहे हैं ताकि उत्तराखंड में बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष समाप्त हो सके। प्रशासन के इस कठोर कदम से क्षेत्र के लोगों को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

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