Report by : CWN Desk
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उत्तरकाशी जिले में बड़कोट नगर पालिका अध्यक्ष और उनके पति सरकारी जमीन पर होटल बनाने का आरोप

शिकायत मिलने पर शहरी विकास विभाग ने जिलाधिकारी को कब्जा हटाने के निर्देश
देहरादून। उत्तरकाशी जिले में बड़कोट नगर पालिका अध्यक्ष और उनके पति सरकारी जमीन पर होटल बनाने को लेकर विवादों में घिर गए हैं। प्रशासनिक जांच में कब्जा प्रमाणित होने के बाद शहरी विकास विभाग ने जिलाधिकारी को कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं।
बड़कोट नगर पालिका अध्यक्ष अनुपमा रावत के खिलाफ स्थानीय निवासी एलमा देवी ने सरकारी जमीन पर होटल बनाने का आरोप लगाया था। जिलाधिकारी ने राजस्व और लोनिवि अधिकारियों के संयुक्त दल से इसकी जांच करवाई। जांच में पुष्टि हुई कि अनुपमा रावत के परिवार ने उनके नाम दर्ज नजूल की भूमि के साथ लगती 244 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर होटल का निमार्ण किया है। उक्त स्थान पर पहले लोनिवि की ओर से यात्री शेड के तौर पर छतरी बनाई गई थी, जिसे हटाकर होटल का निमार्ण किया गया। इसी जांच रिपोर्ट का संज्ञान लेकर अब प्रमुख सचिव शहरी विकास आरके सुधांशु ने जिलाधिकारी को तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अनुपमा रावत से भी स्पष्टीकरण देने को कहा है।
नगर निकायों का कार्यकाल अब डेढ़ महीने ही बचा है, लेकिन इससे पहले कई अध्यक्ष जांच के दायरे में आ गए हैं। रुड़की नगर निगम के मेयर को विवादों के चलते इस्तीफा देना पड़ा, वहीं मसूरी के पालिकाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस हुआ। इसके अलावा मंगलौर सहित कुछ और पालिकाओं की भी जांच चल रही है। जांच के दायरे में आए ज्यादातर निकाय प्रमुख कांग्रेस के टिकट या निर्दलीय चुनाव जीते 
अध्यक्ष ने आरोप नकारे, कहा गलत तरीके से हुई नापजोख
इस प्रकरण पर अपना पक्ष रखते हुए अध्यक्ष अनुपमा रावत ने कहा कि जमीन की नपाई गलत तरीके से करते हुए, अतिक्रमण का मामला बनाया जा रहा है। जबकि छतरी आज भी मौके पर है, उन्होंने बताया कि वो दुबारा जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्र सौंप चुकी हैं। कुछ लोग व्यक्तिगत रंजिश के तहत उनके पति के होटल को निशाना बना रहे हैं, जबकि बगल के अन्य होटलों को छोड़ दिया जा रहा है। यदि कार्यवाई हो तो सबके खिलाफ हो, उनके पास वैध पट्टा है, होटल इसी पट्टे पर बना हुआ है।

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