देहरादून। चैत्र नवरात्र के पहले दिन उपवास में खाए गए कुट्टू के आटे ने देहरादून और लक्सर में हड़कंप मचा दिया। आटे के सेवन से 350 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। सोमवार शाम तक मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का सिलसिला जारी रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कोरोनेशन अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों का हालचाल जाना और घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। इसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई और जिलेभर में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू हो गई।
देहरादून में 345 लोग अस्पताल में भर्ती
देहरादून में सहारनपुर की एक मिल से सप्लाई किए गए कुट्टू के आटे का सेवन करने से रविवार रात से ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। जैसे-जैसे रात बढ़ती गई, मरीजों को अस्पताल लाने का सिलसिला जारी रहा। सोमवार रात आठ बजे तक शहर के 16 अस्पतालों में 345 लोग भर्ती कराए जा चुके थे। इनमें से 287 मरीजों को भर्ती रखना पड़ा, जबकि 58 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
लक्सर में भी 12 लोग बीमार
देहरादून के अलावा रुड़की के लक्सर क्षेत्र में भी कुट्टू के आटे का सेवन करने से 12 लोग बीमार पड़ गए। सभी को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सीएम धामी ने अस्पताल में जाना हाल, कार्रवाई के निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को कोरोनेशन अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने मरीजों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी ली और चिकित्सकों को उचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
ताबड़तोड़ छापेमारी, 30 दुकानें सील
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी। देहरादून में कुट्टू का आटा बेचने वाली 30 दुकानों को सील कर दिया गया। इसके अलावा, सहारनपुर की उस मिल पर भी छापेमारी की गई, जहां से दूषित आटे की आपूर्ति की गई थी।
सहारनपुर में आटा मिल संचालक समेत तीन गिरफ्तार
घटना के बाद सहारनपुर में भी प्रशासन हरकत में आया और वहां कुट्टू के आटे के सप्लायरों पर छापेमारी शुरू कर दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर आटा मिल संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामले की जांच जारी, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री धामी ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को हर संभव सहायता दी जाएगी। सरकार ने मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े मानक लागू करने की बात कही है। इस घटना के बाद से उपवास में उपयोग किए जाने वाले कुट्टू के आटे की शुद्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
