उत्तराखंड में तेज बारिश और भारी ओलावृष्टि से उधम सिंह नगर में धान की फसल तबाह हो गई है। हरिद्वार में दर्जनों गाड़ियों के शीशे टूटे। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
हल्द्वानी। उत्तराखंड में शुक्रवार को अचानक बदले मौसम के मिजाज ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के साथ भीषण ओलावृष्टि हुई। इस प्राकृतिक आपदा के चलते जहां एक तरफ पकी हुई धान की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, वहीं अचानक हुई इस ओलावृष्टि के बाद पूरे प्रदेश में ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है।

सबसे बुरा असर हरिद्वार जिले में देखने को मिला, जहां आसमान से गिरे बड़े-बड़े ओलों के कारण हड़कंप मच गया। खुले में खड़ी दर्जनों गाड़ियों के पिछले और अगले शीशे टूट गए। ओलावृष्टि से अचानक हुए नुकसान के कारण कार सर्विस सेंटरों और ऑटो एजेंसियों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्पेयर पार्ट्स की किल्लत और बीमा प्रक्रिया में हो रही देरी के चलते कई वाहन स्वामियों को जेब से नकद खर्च कर गाड़ियां ठीक करानी पड़ रही हैं।

उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर और बाजपुर के ग्राम खमरिया समेत आसपास के इलाकों में आफत की बारिश हुई। किसानों की महीनों की कड़ी मेहनत से तैयार पकी धान की फसलें खेतों में बिछ गईं और पानी में डूब गईं। बार-बार मौसम की मार झेल रहे स्थानीय किसानों का कहना है कि कभी सूखा तो कभी बाढ़ और ओलावृष्टि से उनकी कमर टूट चुकी है। किसानों ने प्रशासनिक फाइलों और दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय सरकार से तुरंत धरातल पर राहत राशि देने की मांग की है।
अचानक आई इस ओलावृष्टि से स्थानीय व्यापारियों, वाहन स्वामियों और अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से काफी नुकसान पहुंचा है।

जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार व जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाए।

मौसम विभाग ने पर्वतीय और मैदानी इलाकों में अभी कुछ समय और मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। अचानक बढ़ी इस ठिठुरन और कुदरत की मार से फिलहाल जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।




