DGCA द्वारा दो पायलट अनिवार्य किए जाने के बाद उत्तराखंड में चारधाम चार्टर्ड हेली सेवाएं बंद कर दी गई हैं। केदारनाथ शटल सेवाएं जारी रहेंगी।
देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के मौजूदा सत्र में अब चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित नहीं होंगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा चारधाम क्षेत्र में उड़ान भरने वाले सिंगल इंजन हेलीकॉप्टरों के लिए दो पायलट अनिवार्य करने के बाद कंपनियों ने सेवाएं बंद करने का फैसला लिया है। कंपनियों का कहना है कि दो पायलट तैनात करने से परिचालन खर्च काफी बढ़ जाएगा, जिससे सेवा देना संभव नहीं है।
सोमवार को DGCA और हेलीकॉप्टर ऑपरेटर एसोसिएशन के बीच हुई वार्ता पूरी तरह विफल रही। इसके बाद हेली कंपनियों ने अपनी पहले से बुक की गई सभी चार्टर्ड उड़ानों को निरस्त कर दिया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि केदारनाथ धाम के लिए चलने वाली नियमित शटल हेलीकॉप्टर सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
इस फैसले के कारण तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को हेलीकॉप्टर के जरिए बदरीनाथ धाम पहुंचे 50 से 60 श्रद्धालुओं को सेवाएं बंद होने के बाद सोमवार को सड़क मार्ग से वापस भेजा गया। वहीं, देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड से सोमवार को एक भी चार्टर्ड हेलीकॉप्टर ने उड़ान नहीं भरी।
दरअसल, बीते शुक्रवार को ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हुए दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को सख्त करते हुए DGCA ने यह आदेश जारी किया था। यूकाडा (UCADA) के सीईओ प्रतीक जैन ने स्पष्ट किया है कि 10 नवंबर तक शेष यात्रा सत्र के लिए चार्टर्ड हेली सेवाएं बंद रहेंगी। उधर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के पार्थिव शरीर उनके गृह राज्य कर्नाटक पहुंचा दिए गए हैं।