उत्तराखंड के 6 बहादुर बच्चों को पहला मुख्यमंत्री बाल वीरता पुरस्कार मिलेगा। 6 नवंबर को गृहमंत्री अमित शाह पुलिस लाइन में इन बच्चों को सम्मानित करेंगे।
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के साहसी बच्चों को सम्मानित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री बाल वीरता पुरस्कार’ की घोषणा के बाद पहली चयन प्रक्रिया पूरी कर ली है। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय चयन समिति ने प्रदेश के छह होनहार और बहादुर बच्चों का चयन इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया है। चार जिलों से प्राप्त आठ प्रस्तावों की गहन समीक्षा के बाद समिति ने इन छह नामों की संस्तुति की है।
आगामी छह नवंबर को देहरादून स्थित पुलिस लाइन में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इन सभी बाल वीरों को सम्मानित करेंगे। गौरतलब है कि राज्य स्तर पर पहली बार इन पुरस्कारों का आयोजन किया जा रहा है। बाल कल्याण परिषद द्वारा पूर्व में पुरस्कारों पर रोक लगाए जाने के बाद राज्य के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर उचित मंच नहीं मिल पा रहा था, जिसे ध्यान में रखते हुए यह पहल शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुछ माह पहले इस पुरस्कार की स्थापना का ऐलान किया था, जिसकी कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पुरजोर पैरवी की थी। विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार के अनुसार, 30 अक्तूबर को चयन समिति की बैठक में अंतिम नाम तय किए गए। चुने गए बच्चों ने विषम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अदम्य साहस और समझदारी का परिचय देकर मिसाल कायम की है।
पुरस्कार के लिए चुने गए विजेताओं में चमोली जिले से दिव्या, दीपिका और आरव सिंह शामिल हैं। वहीं चंपावत जिले से माया, देहरादून से आराध्या और टिहरी गढ़वाल से श्वेता का नाम इस सम्मान सूची में दर्ज हुआ है। इन सभी बच्चों की इस साहसिक उपलब्धि पर पूरे प्रदेश को गर्व है और जल्द ही इनके नामों की औपचारिक घोषणा की जाएगी।