पिथौरागढ़। जिले के धारचूला तहसील के तल्ला दारमा घाटी स्थित ग्राम पंचायत उमचिया के पास तीजम गांव में देर रात बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचाई। बादल फटने और नेहल गाड़ में जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ने से गांव का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस आपदा में पीएमजीएसवाई द्वारा 2.13 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 36 मीटर लंबा और 47 टन वजनी मोटर पुल बह गया। साथ ही पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित तीजम और वतन तोक को जोड़ने वाला लकड़ी का पुल भी तेज बहाव में बह गया, जिससे क्षेत्र का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
भयावह स्थिति को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अनिल बिष्ट और लक्ष्मी ग्वाल ने बताया कि जलस्तर बढ़ने पर 50 से अधिक परिवारों ने अपने घर खाली कर ऊंचे स्थानों पर स्थित स्कूलों और गोरखा रेजिमेंट की पोस्ट में शरण ली। लोग पूरी रात भयभीत और जागते रहे।
इस आपदा से बिष्ट कॉलोनी में भूस्खलन की स्थिति भी बनी, जिससे आठ से अधिक मकान खतरे की जद में आ गए हैं। वहीं, दो बिजली के खंभे बह जाने से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।
एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिल चुकी है। नुकसान के आंकलन और राहत कार्यों के लिए राजस्व विभाग की टीम मौके के लिए रवाना कर दी गई है।