अल्मोड़ा में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के संयोजक पीसी तिवारी ने श्रमिक नेताओं पर गुंडा एक्ट और जिला बदर की कार्रवाई की निंदा करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने हरिद्वार जिला प्रशासन द्वारा श्रमिक नेताओं के खिलाफ की जा रही दंडात्मक कार्रवाई की तीखी आलोचना की है। पार्टी के केंद्रीय संयोजक पीसी तिवारी ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा श्रमिक नेताओं पर गुंडा एक्ट लगाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने राज्य सरकार से इन सभी दमनकारी कार्रवाइयों को तुरंत निरस्त करने की मांग की है।
तिवारी ने बताया कि हरिद्वार में इंकलाबी मजदूर केंद्र के उपाध्यक्ष पंकज बवाड़ी और पीपल्स मजदूर यूनियन के अध्यक्ष ललित कुमार के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा रुद्रपुर में भी कई मजदूर नेताओं को इसी तरह के नोटिस भेजे गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और अपने जायज हक मांगने के लिए आवाज उठाना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।
प्रेस बयान में कहा गया कि प्रदेश में हजारों मजदूरों को न्यूनतम वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। अधिकांश श्रमिक ठेका प्रथा के तहत कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए विवश हैं। जब ये लोग गरिमापूर्ण जीवन और न्याय की मांग करते हैं, तो पूंजीपतियों के इशारे पर प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जाती है, जो कि अत्यंत चिंताजनक है।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने चेताया है कि डबल इंजन सरकार जनसंघर्षों से बने इस राज्य में आंदोलनों का दमन कर रही है। यदि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में श्रमिक नेताओं के खिलाफ दर्ज गुंडा एक्ट के मामले तत्काल वापस नहीं लिए गए, तो पार्टी मजदूरों के साथ मिलकर पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन शुरू करेगी।