एसएसबी स्वयं सेवकों (गुरिल्लों) का गढ़वाल मंडल सम्मेलन 27 अक्टूबर को श्रीनगर में। समायोजन में देरी से आक्रोशित गुरिल्ला बनाएंगे नए आंदोलन की रणनीति।
अल्मोड़ा। उत्तराखंड में लंबे समय से अपने अधिकारों और सरकारी विभागों में समायोजन की मांग कर रहे एसएसबी (SSB) स्वयं सेवकों (गुरिल्लों) ने एक बार फिर आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। एसएसबी स्वयं सेवक कल्याण समिति के केंद्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी और जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आगामी 27 अक्टूबर को श्रीनगर गढ़वाल स्थित काली कमली धर्मशाला में गुरिल्लों का वृहद गढ़वाल मंडल स्तरीय सम्मेलन आहूत किया गया है।
संगठन के पदाधिकारियों ने शासन-प्रशासन के रवैये पर भारी नाराजगी जताई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों में गुरिल्लों के समायोजन हेतु नई संभावनाएं तलाशने और इसकी प्रगति रिपोर्ट शीघ्र मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। हालांकि, दो वर्ष का लंबा समय बीत जाने के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है और लगातार हीलाहवाली का रवैया अपनाया जा रहा है।
पदाधिकारियों का आरोप है कि विभाग नई संभावनाएं तलाशने के बजाय पूर्व में जारी शासनादेशों पर भी अमल करने से कतरा रहे हैं। इसी उपेक्षात्मक रवैये से आक्रोशित होकर आगामी 27 अक्टूबर को श्रीनगर में आयोजित होने वाले सम्मेलन के दौरान पुनः उग्र आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। सम्मेलन में सभी परिस्थितियों पर विस्तार से मंथन करने के बाद राज्यव्यापी आंदोलन की आधिकारिक तिथि की घोषणा की जाएगी।
सम्मेलन के समापन के उपरांत सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपजिलाधिकारी श्रीनगर के कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे और ज्ञापन सौंपकर शासन को अपनी मांगों व आगामी आंदोलन की औपचारिक सूचना प्रेषित करेंगे। दोनों शीर्ष पदाधिकारियों ने गढ़वाल मंडल के सभी गुरिल्लों से अधिक से अधिक संख्या में श्रीनगर पहुंचने का आह्वान किया है, साथ ही कुमाऊं मंडल के पदाधिकारियों से भी 27 अक्टूबर को श्रीनगर गढ़वाल पहुंचने की विशेष अपील की है।